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Sayfa 100 / 251

Yazar: प्रेमचंद

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या यों ही पढ़ गये? महज इम्तहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज
है बुद्धि का विकास। जो कुछ पढ़ो, उसका अभिप्राय समझो। रावण भूमण्डल
का स्वामी था। ऐसे राजों को चक्रवर्ती कहते हैं। आजकल अँग्रेजों के
राज्य का विस्तार बहुत बढ़ा हुआ है; पर इन्हें चक्रवर्ती नहीं कह
सकते। संसार के अनेकों राष्ट्र अंग्रेजों का आधिपत्य स्वीकार नहीं
करते। बिलकुल स्वाधीन हैं। रावण चक्रवर्ती राजा था। संसार के सभी
महीष उसे कर देते थे। बड़े-बड़े देवता उसकी गुलामी करते थे। आग और
पानी के देवता भी उसके दास थे; मगर उसका अन्त क्या हुआ?

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