Libro · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
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Autore: प्रेमचंद
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दो-चार निष्कपट बातें उसके दिल पर असर कर जाती; मगर इन्हीं खोये हुए
अवसरों का नाम तो जीवन है। गाड़ी मन्द गति से चली। लड़के कई कदम तक
उसके साथ दौड़े। मै खिड़की के बाहर सिर निकाले खड़ा था। कुछ देर तक
मुझे उनके हिलते हुए रूमाल नजर आये। फिर वह रेखाएँ आकाश में विलीन
हो गयी; मगर एक अल्पकाय मूर्ति अब भी प्लेटफार्म पर खड़ी थी। मैने
अनुमान किया, वह सूर्यप्रकाश है। उस समय मेरा हृदय किसी विकल कैदी
की भाँति घृणा, मालिन्य और उदासीनता के बन्धनों को तोड़-तोड़कर उसके
गले मिलने के लिए तड़प उठा।
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