Jezyki

Klawiatura

Strona 95 z 251

Autor: प्रेमचंद

Czas0:00
Predkosc (WPM)0.0
Dokladnosc100.0%

Nacisnij start i wpisz linie dokladnie. · Backspace wylaczony — pisz dalej nawet po bledzie.

'इस तरह अँग्रेजी पढ़ोगे, तो जिन्दगी भर पढ़ते रहोगे और एक हर्फ न
आयेगा। अँग्रेजी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं है कि जो चाहे पढ़ ले;
नहीं ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा सभी अंग्रेजी के विद्वान हो जाते। यहाँ
रात-दिन आँखें फोड़नी पड़ती हैं, और खून जलाना पड़ता है, तब कहीं यह
विद्या आती है। और आती क्या है, हाँ, कहने को आ जाती है। बड़े-बड़े
विद्वान् भी शुद्ध अंग्रेजी नहीं लिख सकते, बोलना तो दूर रहा। और
मैं कहता हूँ, तुम कितने बोधा हो कि मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते।
मैं कितनी मिहनत करता हूँ, यह तुम अपनी आँखों देखते हो, अगर नहीं
देखते, तो यह तुम्हारी आँखों का कसूर है, तुम्हारी बुद्धि का कुसूर
है। इतने मेले-तमाशे होते हैं, मुझे तुमने कभी देखने जाते देखा है?
रोज ही क्रिकेट और हाकी मैच होते हैं। मैं पास नहीं फटकता। हमेशा
पढ़ता रहता हूँ उस पर भी एक-एक दरजे में दो-दो, तीन-तीन साल पड़ा
रहता हूँ, फिर तुम कैसे आशा करते हो कि तुम यों खेल-कूद में वक्त
गँवाकर पास हो जाओगे? मुझे तो दो-ही-तीन साल लगते हैं, तुम उम्र-भर
इस दरजे में पड़े सड़ते रहोगे!

Nacisnij start i wpisz linie dokladnie.

Nie rozpoczeto