Boek · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
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Auteur: प्रेमचंद
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74154 प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ 1950 प्रेमचंद
प्रेरणा मेरी कक्षा में सूर्यप्रकाश से ज्यादा ऊधमी कोई लड़का न था,
बल्कि यों कहो कि अध्यापन-काल के दस वर्षों में मुझे ऐसी विषम
प्रकृति के शिष्य से साबका न पड़ा था। कपट-क्रीडा में उसकी जान बसती
थी। अध्यापकों को बनाने और चिढ़ाने, उद्योगी बालकों को छेड़ने और
रुलाने में ही उसे आनन्द प्राता था। ऐसे-ऐसे षड्यंत्र रचता, ऐसे-ऐसे
फंदे डालता, ऐसे-ऐसे बाँधनू बाँधता कि देखकर आश्चर्य होता था।
गरोहबंदी में अभ्यस्त था।
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